रीवा। मऊगंज जिले के नईगढ़ी क्षेत्र स्थित मगनिया (पुरवा) गांव में उस घर का सन्नाटा आज भी लोगों को झकझोर रहा है, जहां कभी बेटी के डॉक्टर बनने के सपने सजाए जा रहे थे। नीट परीक्षा निरस्त होने से आहत छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी उर्फ स्नेहा ने आत्महत्या कर ली। अब उसके माता-पिता की आंखों में केवल आंसू और टूटे हुए सपनों की टीस बाकी है।

आकांक्षा बचपन से पढ़ाई में बेहद होनहार थी। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद उसके माता-पिता ने बेटी को डॉक्टर बनाने का सपना देखा। लकवाग्रस्त पिता कृष्णकुमार चतुर्वेदी ने किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से तीन लाख रुपये का ऋण लेकर बेटी की पढ़ाई और कोचिंग का खर्च उठाया। परिवार को उम्मीद थी कि इस बार बेटी की मेहनत रंग लाएगी। तीन मई को नीट परीक्षा देकर लौटी आकांक्षा बेहद खुश थी। उसने मां से कहा था कि उसके 650 से अधिक अंक आ सकते हैं और अच्छे मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिल जाएगा। लेकिन पेपर लीक और परीक्षा निरस्त होने की खबर ने उसे भीतर तक तोड़ दिया। परिवार के मुताबिक वह लगातार तनाव में रहने लगी थी। 20 मई को नागपुर में उसने आत्महत्या कर ली। मरने से पहले उसने एक मार्मिक सुसाइड नोट लिखा, जिसमें उसने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा—
“मम्मी-पापा, आपका मुझ पर भरोसा था कि आपकी बेटी डॉक्टर बन जाएगी, लेकिन दोबारा नीट देने की हिम्मत अब मेरे अंदर नहीं है… सॉरी मम्मी-पापा, मैंने आप दोनों का सब बर्बाद कर दिया।”

एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ और इंदौर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचे। इस दौरान आकांक्षा की मां नीलम चतुर्वेदी फूट-फूटकर रो पड़ीं। उन्होंने कहा, “अब पछतावा होता है कि बेटी को डॉक्टर बनाने का सपना क्यों देखा। कुछ और पढ़ाते तो शायद वह आज जिंदा होती।”

विनोद जाखड़ ने परिवार को 2.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की और कहा कि राहुल गांधी इस घटना से बेहद आहत हैं। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि बैंक का कर्ज चुकाने में भी मदद की जाएगी। जाखड़ ने कहा कि नीट पेपर लीक केवल परीक्षा में गड़बड़ी नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के सपनों की हत्या है। उन्होंने पीड़ित परिवार को 5 करोड़ रुपये मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने की मांग उठाई। इस दौरान यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष अनूप सिंह चंदेल, पूर्व जिला अध्यक्ष पद्मेश गौतम, एनएसयूआई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मंजुल त्रिपाठी सहित कई लोग मौजूद रहे।
मम्मी-पापा, दोबारा नीट देने की हिम्मत नहीं...  राहुल गांधी ने की मदद

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