Tuesday, July 14

 रीवा। केंद्रीय मंत्री का साला और पीएमओ में पदस्थ अधिकारी का रिश्तेदार होने का दावा कर गाजियाबाद के एक परिवार से 37.80 लाख रुपए की कथित ठगी का मामला सामने आया है। पीड़िता ने रीवा पहुंचकर पुलिस अधीक्षक से शिकायत करते हुए आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

गाजियाबाद निवासी माया त्यागी ने एसपी को दिए आवेदन में बताया कि वर्ष 2020 में रीवा शहर के रतहरा निवासी अभयराज सिंह अपने दो साथियों के साथ उनके घर आया था। बातचीत के दौरान उसने स्वयं को रीवा में लेबर कमिश्नर और अपनी पत्नी को वन विभाग में एसडीओ बताया। साथ ही केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर को अपना साला तथा पीएमओ में पदस्थ अधिकारी जितेंद्र सिंह को अपना फूफा बताकर राजनीतिक और प्रशासनिक पहुंच होने का दावा किया।

पीड़िता के अनुसार उस समय उनके पति का आगरा जल निगम में करीब 80 लाख रुपए का भुगतान लंबित था। आरोपी ने प्रभाव का इस्तेमाल कर जल्द भुगतान दिलाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद अक्टूबर 2020 में उसने नारी निकेतन योजना में पार्टनरशिप के आधार पर ठेका दिलाने का झांसा दिया। उसकी बातों में आकर पीड़िता के पति ने अलग-अलग किस्तों में कुल 37.80 लाख रुपए आरोपी को दे दिए।
केंद्रीय मंत्री और पीएमओ में रिश्तेदारी का दावा पड़ा भारी, महिला ने रीवा में दर्ज कराई शिकायत

भुगतान नहीं हुआ, रुपए भी नहीं लौटाए

महिला का आरोप है कि लंबे समय तक न तो कोई ठेका मिला और न ही भुगतान हुआ। जब परिवार ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी ने दावा किया कि यह रकम केंद्रीय मंत्री, पीएमओ में पदस्थ अपने रिश्तेदार और आगरा जल निगम में बिल पास कराने के लिए खर्च की गई है। इसके बाद वह लगातार रुपए लौटाने का आश्वासन देकर टालता रहा।

पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2021 में उनके पति की मृत्यु हो गई, लेकिन इसके बावजूद आरोपी ने रुपए वापस नहीं किए। बाद में उसने उनका मोबाइल नंबर भी ब्लॉक कर दिया और संपर्क पूरी तरह समाप्त कर दिया।

सोमवार को रीवा पहुंची माया त्यागी ने एसपी कार्यालय में शिकायत देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि झूठी पहुंच और प्रभाव का दावा कर उनके परिवार को आर्थिक रूप से भारी नुकसान पहुंचाया गया है।

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