Tuesday, July 7

रीवा। जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लालगांव चौकी क्षेत्र के सोनवर्षा गांव में पुलिस ने दबिश देकर करीब 3 किलो एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बरामद ड्रग्स का संबंध एक संगठित तस्करी नेटवर्क से है। पुलिस के अनुसार, गिरोह का मुख्य सरगना चंदन सिंह गिरफ्तार हो चुका है, जबकि उसका एक अन्य भाई पूरे सप्लाई नेटवर्क का संचालन करता था। पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई का सुराग मऊगंज में हाल ही में हुई पुलिस कार्रवाई के दौरान मिला था। मऊगंज के बिझौली गांव में गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने रीवा जिले के सोनवर्षा गांव में छापा मारा, जहां से भारी मात्रा में एमडी ड्रग्स बरामद की गई। यह घर बिझौली में पकड़े गए आरोपी चंदन सिंह का है, जहां पर उसका एक भाई कारोबार संभाल रहा था।
जांच में यह भी सामने आया है कि सरगना चंदन सिंह का एक अन्य भाई मुंबई की जेल में बंद है और उस पर भी मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े गंभीर आरोप हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के अंतरराज्यीय संबंधों की भी जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामदगी के बाद मामले की गहन जांच जारी है। ड्रग्स की सप्लाई चेन, इसके स्त्रोत और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।


आईजी गौरव राजपूत को मिला था इनपुट
मऊगंज जिले के बिझौली गांव में एमडी ड्रग का कारोबार किए जाने की सूचना रीवा जोन के आईजी गौरव सिंह राजपूत को मिली थी। उनके निर्देश पर पुलिस ने दबिश दी तो चार आरोपी पकड़े गए थे। अब मुख्य आरोपी चंदन सिंह के रीवा जिले के लालगांव के पास सोनवर्षा गांव में दबिश देने पर बड़ा खुलासा हुआ है। जिसमें करीब तीन किलो एमडी ड्रग बरामद हुई है, इसकी बाजार में कीमत करीब दस करोड़ रुपए आंकी गई है।

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