Friday, July 3

 अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावा विवाद की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है।   विशेष जांच दल (SIT) एक बार फिर अयोध्या पहुंचा और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों से करीब चार घंटे तक गहन पूछताछ की। इस दौरान महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव से चढ़ावे की गणना, ऑडिट प्रक्रिया और वित्तीय रिकॉर्ड से जुड़े कई सवाल पूछे गए। जांच टीम ने ऑडिट से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए हैं।

मीडिया  रिपोर्ट के अनुसार, पूछताछ के दौरान कई सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर SIT ने जांच का दायरा और बढ़ाने का निर्णय लिया है। टीम ने ट्रस्ट से अब तक कराए गए सभी ऑडिट का विस्तृत रिकॉर्ड और लेखा-जोखा उपलब्ध कराने को कहा है। अधिकारियों का मानना है कि इन दस्तावेजों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि किसी स्तर पर वित्तीय अनियमितता हुई है या नहीं।

उधर, मामले की आपराधिक विवेचना कर रहे सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी अपनी टीम के साथ राम मंदिर परिसर पहुंचे। उन्होंने दान पात्र से राशि निकालने, उसकी गणना करने और बैंक में जमा कराने तक की पूरी प्रक्रिया का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने मंदिर परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी कब्जे में लेकर जांच के लिए सुरक्षित कर ली है।

जांच के सिलसिले में पुलिस की एक टीम आरोपी अविनाश शुक्ला के प्रतापगढ़ स्थित पैतृक गांव भी पहुंची। यहां परिजनों से करीब आधे घंटे तक पूछताछ की गई और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए। पुलिस इन दस्तावेजों का अन्य साक्ष्यों के साथ मिलान कर रही है।

जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण WhatsApp चैट भी सामने आई हैं। सूत्रों के मुताबिक, इन चैट में कथित तौर पर रकम निकालने, उसे सुरक्षित रखने और बाद में आपस में बांटने को लेकर बातचीत हुई है। जांच एजेंसियों का कहना है कि गणना के दौरान खुलकर बातचीत संभव नहीं होने के कारण आरोपी कथित रूप से WhatsApp संदेशों के जरिए संपर्क में रहते थे। पुलिस ने इन चैट को डिजिटल साक्ष्य के रूप में जांच में शामिल किया है और मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है।

पुलिस को कुछ मोबाइल फोन में WhatsApp चैट डिलीट किए जाने के संकेत भी मिले हैं। डिजिटल फोरेंसिक विशेषज्ञ इन संदेशों को रिकवर करने का प्रयास कर रहे हैं। इसके अलावा कुछ मोबाइल फोन से ऐसे वीडियो और तस्वीरें भी मिली हैं, जिनमें आरोपी कथित तौर पर पार्टी करते हुए और बड़ी मात्रा में नकदी के साथ दिखाई दे रहे हैं। पुलिस इन डिजिटल सामग्रियों की भी सत्यता की जांच कर रही है।

मामले में अब तक मंदिर प्रबंधन से जुड़े कई पदाधिकारियों, कर्मचारियों, निजी सुरक्षा कर्मियों और गणनाकर्मियों से पूछताछ की जा चुकी है। पूछताछ के आधार पर तीन से चार और लोगों को आरोपी बनाया गया है। सूत्रों के अनुसार, बैंकिंग प्रक्रिया से जुड़े कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है और उन्हें आरोपी बनाए जाने की प्रक्रिया चल रही है। वित्तीय लेनदेन की गहन जांच के लिए पुलिस चार्टर्ड अकाउंटेंट की भी सहायता ले रही है।

अब पूरे मामले में छह जुलाई को प्रस्तावित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक पर सभी की निगाहें टिकी हैं। सूत्रों के अनुसार, बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा को कारण बताओ नोटिस जारी करने का प्रस्ताव रखा जा सकता है। दोनों से पूरे मामले में लिखित और मौखिक स्पष्टीकरण मांगे जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इस संबंध में ट्रस्ट की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

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