Friday, August 14

रीवा। स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पूर्व जवा मुख्यालय में तिरंगा यात्रा के दौरान अव्यवस्थाएं देखकर सिरमौर विधायक दिव्यराज सिंह नाराज हो गए। सड़क और नालियों की बदहाल स्थिति, जगह-जगह गड्ढे, कीचड़ और कचरे के ढेर देखकर उन्होंने अधिकारियों से जवाब मांगा। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विधायक सीएफटी भवन में धरने पर बैठ गए। करीब छह घंटे से अधिक समय तक चले घटनाक्रम के बाद रात करीब साढ़े नौ बजे कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी जवा पहुंचे और समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद विधायक धरने से उठे।

दोपहर में तिरंगा यात्रा के दौरान स्थानीय लोगों ने विधायक को बताया कि जवा मुख्यालय में कई अधिकारी और कर्मचारी नियमित रूप से नहीं रहते। लोगों का आरोप था कि अधिकांश अधिकारी रीवा से कभी-कभार आते हैं, जिसके कारण आम लोगों को अपनी शिकायतों और प्रशासनिक कामों के लिए परेशान होना पड़ता है। मुख्यालय की सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे, कीचड़ और कचरा भी नजर आया।

अव्यवस्थाओं को लेकर विधायक ने एसडीएम और अन्य अधिकारियों से फोन पर जानकारी लेने का प्रयास किया। अधिकारियों की ओर से सकारात्मक जवाब नहीं मिलने पर वह सीएफटी भवन पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। विधायक ने कलेक्टर से फोन पर बात करते हुए उन्हें मौके पर आकर स्थिति देखने के लिए कहा। उन्होंने समर्थकों से भी स्पष्ट कहा कि जब तक कलेक्टर मौके पर नहीं आएंगे, वह धरने से नहीं उठेंगे।

विधायक के धरने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में समर्थक भी मौके पर पहुंच गए। समर्थकों ने नारेबाजी शुरू की, लेकिन विधायक ने उन्हें रोकते हुए कहा कि उनका उद्देश्य प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि कलेक्टर को जवा की वास्तविक स्थिति दिखाना है। दोपहर करीब तीन बजे शुरू हुआ घटनाक्रम देर रात तक चलता रहा और जवा मुख्यालय में गहमा-गहमी बनी रही।

अधिकारी फोन नहीं उठाते, मुख्यालय में नहीं रहते

स्थानीय लोगों ने जवा के एसडीएम पीयूष भट्ट सहित अन्य अधिकारियों पर मुख्यालय में नियमित रूप से नहीं रहने के आरोप लगाए। लोगों का कहना था कि जरूरी काम होने पर अधिकारियों से फोन पर संपर्क करना भी मुश्किल होता है। तहसील और जनपद स्तर के अधिकारियों के मुख्यालय में नहीं रहने के कारण लोगों की शिकायतों का समय पर निराकरण नहीं हो पाता।

बताया गया कि एसडीएम को जिला मुख्यालय में अटैच किया गया है, हालांकि अब तक उन्हें जवा से रिलीव नहीं किया गया है। इस स्थिति को लेकर भी विधायक ने नाराजगी जताई।

सीईओ पहुंचे, लेकिन नहीं बनी बात

विधायक के धरने पर बैठने के बाद जिला पंचायत सीईओ मेहताब सिंह गुर्जर देर शाम जवा पहुंचे। उन्होंने विधायक दिव्यराज सिंह से मुलाकात कर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन विधायक ने आश्वासन स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि वह कलेक्टर का इंतजार कर रहे हैं और कलेक्टर स्वयं मौके पर पहुंचकर जवा की स्थिति देखें।

रात करीब साढ़े नौ बजे कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी जवा पहुंचे। विधायक ने उनके सामने स्थानीय समस्याओं और अधिकारियों की कार्यप्रणाली से जुड़ी शिकायतें रखीं। कलेक्टर ने मांगों के समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद विधायक धरने से उठ गए।

एसडीएम और जनपद सीईओ को हटाने की मांग

विधायक दिव्यराज सिंह ने जवा एसडीएम और जनपद सीईओ को हटाने की मांग भी कलेक्टर के सामने रखी। इसके अलावा डभौरा में डॉक्टर की पदस्थापना की मांग की गई। कलेक्टर ने इन मांगों पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया।

पहली बार व्यवस्था के खिलाफ खुलकर सामने आए विधायक

दिव्यराज सिंह लगातार तीन पंचवर्षीय से सिरमौर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। क्षेत्र में लंबे समय से मौजूद प्रशासनिक और मूलभूत समस्याओं के बावजूद सत्ताधारी दल के विधायक के तौर पर उनका इस तरह धरने पर बैठना पहली बार चर्चा में आया है। बताया जा रहा है कि घटनाक्रम की जानकारी वरिष्ठ स्तर तक भी पहुंची। हालांकि विधायक ने कहा कि अधिकारियों की कार्यप्रणाली से परेशान होकर उन्हें यह कदम उठाना पड़ा और उनका उद्देश्य जवा की समस्याओं का समाधान कराना है।

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