रीवा। गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात शिशु की मौत के बाद अनशन पर बैठे पिता रामशिरोमणि मिश्रा की तबियत खराब होने लगी है। मंगलवार को कलेक्टर नरेन्द्र सूर्यवंशी और एसपी गुरुकरण सिंह उनसे मिलने पहुंचे और अनशन समाप्त करने का आह्वान किया। इस पर रामशिरोमणि और उनके परिवार के लोगों ने कहा है कि लापरवाही नहीं सुनियोजित तरीके से कल्पना की हत्या की गई है। भर्ती कराने के समय ही 30 हजार रुपयों की मांग की जा रही थी। इसलिए दोषी प्रबंधन के अधिकारी, डॉक्टर्स और अन्य स्टाफ के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाए।
इस पर कलेक्टर ने कहा कि वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत सभी मांगों को पूरा करेंगे। अब तक डीन, अधीक्षक हटाए जा चुके हैं। डॉक्टरों और नर्सों को निलंबित किया जा चुका है। आगे भी जो दोषी होंगे उन पर कार्रवाई होगी। रामशिरोमणि मिश्रा ने कहा है कि उनकी बेटी चली गई, अब उसे न्याय दिलाने के लिए वह भी इसी स्थल पर अंतिम सांस लेंगे। उन्होंने दवाएं लेने से भी इंकार कर दिया है। इसके पहले एसडीएम डॉक्टर्स की टीम लेकर जांच कराने पहुंचे थे।
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एफआईआर कराने थाने पहुंचे परिजन
कल्पना की मौत के दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आवेदन लेकर भाई एवं अन्य परिजन अमहिया थाने पहुंचे। जहां पर पुलिस के अधिकारी भी पहुंचे और कहा कि सीधे तौर पर एफआईआर नहीं हो सकती। एसडीएम अनुराग तिवारी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि चिकित्सीय लापरवाही पर एफआईआर सीधे नहीं की जा सकती। इसके लिए चिकित्सा विशेषज्ञ की राय जरूरी होती है। इसलिए भोपाल से गठित विशेष जांच दल और मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि कोई दोषी है तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। परिजनों को कोर्ट के आदेश की कॉपी भी दी गई है।
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हमें उनके स्वास्थ्य की चिंता है : कलेक्टर
कलेक्टर नरेन्द्र सूर्यवंशी ने बताया कि लगातार भोजन नहीं लेने से तबियत बिगड़ रही है। इसलिए अनशन समाप्त करने की अपील की है। हमें उनके स्वास्थ्य की चिंता है, किसी भी हालत में स्वास्थ्य खराब नहीं होने दिया जाएगा। चिकित्सक लगातार निगरानी करेंगे।





