Tuesday, September 15

रीवा। संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। लंबे समय से चल रहे धरने और भूख हड़ताल के बाद अब आंदोलनकारियों ने शहर के बाबा घाट पर जल सत्याग्रह शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने बीहर नदी में उतरकर कल्पना मिश्रा की मौत के लिए जिम्मेदार डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने तथा गिरफ्तारी की मांग की।

आंदोलनकारियों का कहना है कि कल्पना मिश्रा की मौत चिकित्सकीय लापरवाही के कारण हुई और मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन जांच के नाम पर कार्रवाई टाल रहा है। आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

प्रदर्शनकारियों ने उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला पर भी निशाना साधते हुए सरकार पर मामले में गंभीरता नहीं दिखाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पीडि़त परिवार लंबे समय से न्याय की मांग कर रहा है, लेकिन अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इधर, प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों की मांगों के संबंध में बताया कि मामले में मजिस्ट्रियल जांच चल रही है। सिरमौर एसडीएम दृष्टि जायसवाल को जांच की जिम्मेदारी दी गई है।

प्रशासन के अनुसार जांच पूरी होने और निष्कर्ष सामने आने के बाद ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा सकेगी। जल सत्याग्रह को देखते हुए बाबा घाट पर पुलिस बल के साथ एसडीआरएफ की टीम को बोट और लाइफ जैकेट के साथ तैनात किया गया। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। प्रशासन के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने बाद में जल सत्याग्रह समाप्त कर दिया और उनकी मांगों से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया।
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अनिल सिंह ने भी शुरू किया अनशन
दिल्ली में जेन-जी के आंदोलन से सुर्खियों आए नईगढ़ी के मझगवां गांव के अनिल सिंह ने भी कल्पना मिश्रा को न्याय दिलाने के लिए अनशन पर बैठ गए हैं। दिल्ली के आंदोलन में पुलिस के डंडों से लहुलुहान हुए अनिल की फोटो और वीडियो खूब वायरल हुई थी। कल्पना के पिता रामशिरोमणि मिश्रा 14वें दिन भी अनशन पर रहे। उनके स्वास्थ्य में लगातार गिरावट हो रही है। प्रशासन ने धरना स्थल पर एंबुलेंस के साथ डॉक्टर्स की टीम तैनात कर दी है। आंदोलन कारियों को आशंका है कि किसी भी समय प्रशासन रामशिरोमणि को अस्पताल में भर्ती करवा सकता है। ऐसे में आंदोलन समाप्त नहीं हो, इसलिए अनिल सिंह ने भी अपना अनशन शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस क्रम को बढ़ाने के लिए कुछ अन्य लोग भी तैयार हैं। इसके पहले कुंजबिहारी तिवारी भी अनशन पर बैठे थे, इस तरह से तीन लोग अनशन पर हैं। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विनोद शर्मा ने कहा है कि इस घटनाक्रम से रीवा शर्मशार हुआ है, इसलिए सभी राजनीतिक-सामाजिक संगठनों को एक साथ आगे आना चाहिए और यह संदेश देना चाहिए कि रीवा में अब भी न्याय होता है।
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- बाबा घाट पर बीहर नदी में उतरे आंदोलनकारी, बोले- एफआईआर होने तक जारी रहेगा सत्याग्रह
कलेक्ट्रेट के सामने से एक तंबू गायब, दूसरे में बैठे रहे लोग
कल्पना मिश्रा की मौत पर सिरमौर चौराहे पर चल रहे धरना प्रदर्शन के समानांतर कलेक्ट्रेट के सामने दो तंबू लगाए गए। एक में सद्बुद्धि सभा का नाम दिया गया और प्रशासन का पक्ष मजबूत करने का प्रयास किया गया। इसमें भाजपा से जुड़े लोगों की आवाजाही भी होती रही। जब इस मंच के उद्देश्यों को लेकर सवाल उठाए गए तो बिना किसी आधिकारिक घोषणा के प्रदर्शनकारियों ने अपना टेंट निकाल लिया और चले गए। वहीं सेमरिया क्षेत्र के सतीश तिवारी अपने परिवार के साथ सोमवार को भी धरने पर डटे रहे। उनका निशाना सेमरिया विधायक अभय मिश्रा पर है। तिवारी का आरोप है कि अभय मिश्रा ने उनके बेटे पर हमला कराया था। साथ ही उस पर एफआईआर भी दर्ज करा दी गई है। वह भी न्याय की गुहार लगा रहे हैं।

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