रीवा। शहर के नए बस स्टैंड के पीछे पीटीएस मार्ग स्थित आयुष्मान अस्पताल पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अस्पताल के संचालन पर अंतरिम रोक लगा दी है। बुधवार देर रात कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी और पुलिस अधीक्षक ने अस्पताल में औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल संचालन में कई गंभीर अनियमितताएं मिलने पर यह कार्रवाई की गई।
प्रशासन के अनुसार अस्पताल के एक चिकित्सक डॉ. केडी सिंह कथित तौर पर अनैतिक और असामाजिक गतिविधियों से जुड़ी शिकायत के संदर्भ में मौके पर पाए गए। इस शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल के दस्तावेजों और व्यवस्थाओं की विस्तृत जांच की। इसके बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुधाकर पांडेय ने अस्पताल के संचालन पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया।
करीब डेढ़ घंटे तक चले निरीक्षण में कलेक्टर ने अस्पताल के चिकित्सकों और प्रबंधन से जानकारी ली तथा कई दस्तावेज जब्त किए। अस्पताल की संचालक डॉ. प्रियंका सिंह को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अस्पताल में भर्ती मरीजों को अन्य अस्पतालों में शिफ्ट करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जांच में मिलीं कई गंभीर अनियमितताएं
स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम को अस्पताल में कई नियम विरुद्ध स्थितियां मिलीं। अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2024 से अब तक अस्पताल ने एक भी मृत्यु की सूचना स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी। निरीक्षण के दौरान डॉ. केडी सिंह के साथ एक बीएचएमएस चिकित्सक भी उपचार करते मिले, जिस पर आपत्ति दर्ज की गई।
इसके अलावा अस्पताल में 100 बेड की क्षमता के अनुरूप पर्याप्त चिकित्सा कर्मी मौजूद नहीं मिले। अस्पताल का पंजीयन नंबर निरीक्षण दल को उपलब्ध नहीं कराया गया और परिसर में शिकायत पेटी भी नहीं मिली। पैरामेडिकल स्टाफ में हुए बदलावों की सूचना भी विभाग को नहीं दी गई थी। जांच में यह भी सामने आया कि डॉ. केडी सिंह बिना सक्षम स्वीकृति के निजी अस्पताल में मरीजों का उपचार कर रहे थे। जिला प्रशासन पहले ही शासकीय चिकित्सकों को निजी प्रैक्टिस को लेकर निर्देश जारी कर चुका है। इस बिंदु का भी नोटिस में उल्लेख किया गया है।
तीन दिन में जवाब, नहीं तो एकपक्षीय कार्रवाई
सीएमएचओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यदि तीन दिन के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो नियमानुसार एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी। जांच टीम में डॉ. केबी गौतम और विजय तिवारी शामिल रहे।
कलेक्टर का बयान
“अस्पतालों में रूटीन जांच की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। इसमें अनैतिक गतिविधियों की सूचना मिली थी, इसलिए जांच किया है। नियम विरुद्ध कई कार्य पाए जाने की वजह से अस्पताल संचालन आगामी आदेश तक के लिए रोक दिया गया है। मरीजों को दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया जा रहा है। ”
— नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, कलेक्टर, रीवा







