रीवा। गांधी जयंती पर आयोजित विशेष ग्रामसभा मैदानी ग्राम पंचायत में हंगामे की भेंट चढ़ गई। ग्रामीणों ने पंचायत समन्वयक अधिकारी (पीसीओ) सुधीर तिवारी पर शराब के नशे में ग्रामसभा में पहुंचने और ग्रामीणों के साथ अभद्रता व गाली-गलौज करने के आरोप लगाए। शिकायत मिलने पर जनपद पंचायत सीईओ पूनम दुबे मौके पर पहुंचीं और स्थिति संभालने के बाद पीसीओ को मेडिकल जांच के लिए भेजा। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही गई है।
बताया गया कि ग्रामसभा में सरपंच और सचिव मौजूद नहीं थे। सचिव के मेडिकल अवकाश पर होने के कारण रोजगार सहायक को ग्रामसभा की जिम्मेदारी दी गई थी। इसी दौरान पीसीओ के पहुंचने के बाद विवाद की स्थिति बनी। ग्रामीणों का आरोप था कि पीसीओ नशे में थे और ठीक से खड़े नहीं हो पा रहे थे। इसके बाद पंचायत परिसर में हंगामा शुरू हो गया।
सूचना पर पहुंचीं सीईओ ने ग्रामीणों से चर्चा कर स्थिति शांत कराई। उन्होंने कहा कि मेडिकल जांच से स्थिति स्पष्ट होगी। यदि रिपोर्ट में शराब के नशे की पुष्टि होती है तो पीसीओ के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सरपंच की अनुपस्थिति और घटना के चलते ग्रामसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। अब इसे दोबारा आयोजित किया जाएगा।
इसी दौरान कुछ महिलाओं ने रोजगार सहायक पर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर पांच-पांच हजार रुपए लेने का आरोप भी लगाया। सीईओ ने शिकायत की जांच कराने और आरोप प्रमाणित होने पर संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई की बात कही।





