Tuesday, April 14

सीधी (मध्य प्रदेश)। आंबेडकर जयंती के अवसर पर अमिलिया में हुए कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ विवाद बाद में बड़े बवाल में बदल गया। बताया जा रहा है कि रैली से पहले एक जीप चालक और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं के बीच हुए विवाद और मारपीट को पुलिस ने उस समय गंभीरता से नहीं लिया, जिसके बाद स्थिति धीरे-धीरे तनावपूर्ण होती चली गई।

स्थानीय लोगों और सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक घटना के बाद पुलिस ने घायलों को थाने ले जाकर कार्रवाई की, जबकि अन्य कार्यकर्ताओं को समझाइश देकर छोड़ दिया गया। उस समय रैली में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना थी, ऐसे में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती नहीं की गई।

 थाने पर हमला, कम स्टाफ में बिगड़ी स्थिति
बताया गया कि जब रैली का एक हिस्सा थाने पहुंचा, उस समय वहां पुलिस बल सीमित संख्या में मौजूद था, क्योंकि अधिकांश पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था के लिए अन्यत्र तैनात थे। इसी दौरान स्थिति बिगड़ गई और भीड़ ने थाने पर हमला कर दिया।

 पथराव और तोड़फोड़
करीब एक सैकड़ा लोगों के थाने में घुसने और पथराव करने की बात सामने आई है। इस दौरान थाने में लगे एसी, खिड़कियों के शीशे, सीसीटीवी कैमरे और कुर्सियां क्षतिग्रस्त हो गईं। ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी किसी तरह खुद को बचाते हुए थाने के भीतर चले गए।

 बाजार में दहशत, दुकानें बंद
घटना के बाद अमिलिया बाजार क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया और दुकानदारों ने शटर गिरा दिए। पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा रहा। हालात को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। कलेक्टर विकास मिश्रा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद श्रीवास्तव ने स्थिति की कमान संभालते हुए फ्लैग मार्च निकाला और लोगों से शांति बनाए रखने तथा अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।

 प्रशासन का बयान
कलेक्टर विकास मिश्रा ने बताया कि विवाद के बाद उत्पन्न तनावपूर्ण स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए फ्लैग मार्च और समझाइश दी जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले में मारपीट, बलवा और शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आगे की कार्रवाई जारी है।

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