Tuesday, May 19

पन्ना. रीवा के एक व्यापारी से एक लाख रुपए की अवैध वसूली करने मामले में मडला थाना प्रभारी रचना पटेल, प्रधान आरक्षक रज्जाक खान और रामशरण को निलंबित कर दिया गया है। पीडि़त व्यापारी मोहनलाल सोनी निवासी तरहटी रीवा ने बताया कि वह 14 मई को अपने एक मित्र से मिलने खजुराहो जा रहे थे। रास्ते में मडला घाटी के नीचे नदी के पास उसकी मित्र से मुलाकात हुई। बातचीत के बाद मित्र वहां से बाइक से चला गया। कुछ देर बाद जब उसने अपनी कार की डिग्गी देखी तो उसमें रखे करीब पांच लाख रुपए गायब थे।
व्यापारी के अनुसार, वह आगे पेट्रोल पंप के पास पहुंचकर मोबाइल से अपने मित्र से संपर्क करने लगा, तभी प्रधान आरक्षक रज्जाक और रामशरण पहुंचे और गाड़ी चेक करने की बात कहकर उसकी चाबी और मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया। दोनों ने उसकी कार में एक छोटा बैग रख दिया और कहा कि इसमें गांजा है। इसके बाद उसे शराब ठेका के पास एक मैदान में ले जाकर दो घंटे तक बैठाए रखा। वहां मौजूद लोगों ने कथित तौर पर कहा कि मामला निपटाना है तो एक लाख रुपए देने होंगे। पीडि़त के मुताबिक, इस दौरान शराब ठेका मैनेजर बृजेंद्र यादव के साथ प्रधान आरक्षक रज्जाक और रामशरण भी मौजूद थे।

मोहनलाल ने बताया, उसने डर के कारण अपनी पत्नी को फोन कर अलग-अलग खातों में 50 हजार और 45 हजार रुपए ट्रांसफर करवाए। पैसे मिलने के बाद उसे छोड़ दिया गया। घटना के बाद वह मानसिक रूप से परेशान रहा और परिवार व मित्रों को पूरी जानकारी दी। बाद में उसने पन्ना एसपी निवेदिता नायडू से शिकायत की। एसपी ने मामले की जांच एसडीओपी एसपी सिंह बघेल कराई। जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए। इसमें थाना प्रभारी की भी संलिप्तता मिलने पर थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। मामले की जांच अभी जारी है। डीआइजी ने कहा कि व्यापारी जांच के दौरान बयान देने नहीं आया है। उसके पांच लाख रुपए गायब होने के आरोपों की भी जांच की जा रही है।
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फरियादी की शिकायत पर प्रारंभिक जांच के बाद थाना प्रभारी समेत दो आरक्षकों को निलंबित किया गया है। साथ ही एसपी पन्ना को मामले की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
विजय खत्री, डीआइजी छतरपुर

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