दक्षिण भारतीय राजनीति में इन दिनों फिल्म सितारों की राजनीतिक सफलता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। तमिलनाडु में अभिनेता विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम और अभिनेता पवन कल्याण की तुलना भी होने लगी है। इस मुद्दे पर पवन कल्याण ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हर राज्य की राजनीतिक परिस्थितियां अलग होती हैं और किसी एक मॉडल को दूसरे राज्य पर लागू नहीं किया जा सकता।
मंगलागिरी स्थित जन सेना पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पवन कल्याण ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि पड़ोसी राज्य में एक अभिनेता की राजनीतिक सफलता के बाद कई लोग उन्हें भी उसी तरह आगे बढ़ने की सलाह दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश की राजनीति और तमिलनाडु की राजनीति में काफी अंतर है। पवन ने याद दिलाया कि उन्होंने 2019 में चुनाव लड़ा था, लेकिन उस समय उन्हें अपेक्षित समर्थन नहीं मिला।
इसी बीच मेगास्टार चिरंजीवी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के बीच हुई फोन बातचीत भी चर्चा में रही। बताया गया कि चिरंजीवी ने विजय को मुख्यमंत्री बनने पर बधाई दी और जनहित आधारित शासन की शुभकामनाएं दीं। विजय ने भी बातचीत के दौरान चिरंजीवी की फिल्मों की सराहना की और उनके समर्थन के लिए धन्यवाद व्यक्त किया।
गौरतलब है कि पवन कल्याण और विजय दोनों ही दक्षिण भारतीय सिनेमा के लोकप्रिय सितारे हैं जिन्होंने राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। हालांकि दोनों का राजनीतिक सफर और परिस्थितियां अलग-अलग रही हैं। पवन कल्याण जहां आंध्र प्रदेश में गठबंधन राजनीति के जरिए सत्ता तक पहुंचे, वहीं विजय ने अपनी नई पार्टी के साथ तमिलनाडु की राजनीति में बड़ी सफलता हासिल की।





