मऊगंज। गुटबाजी को लेकर सुर्खियों में रहने वाली कांग्रेस पार्टी में एक बार फिर नेताओं के बीच टकराव सार्वजनिक हो रहा है। इसका असर अब मऊगंज जिले में भी दिखने लगा है। राजनीतिक जमीन तलाश रहे पूर्व विधायक लक्ष्मण तिवारी ने एक बयान जारी गुटबाजी को नई हवा दे दी है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और पूर्व विधायक तिवारी कार्यकर्ताओं के निशाने पर आ गए हैं। मऊगंज में वर्ष 2008 में लक्ष्मण तिवारी भारतीय जनशक्ति पार्टी से विधायक निर्वाचित हुए थे। इसके बाद पार्टी के विलय से वह भाजपा में चले गए।
वर्ष 2013 में फिर चुनाव मैदान में उतरे पर हार गए। इसके बाद पार्टी ने टिकट नहीं दिया तो बगावत की लेकिन बुरी तरह हारे। पिछले चुनाव में सिरमौर में समाजवादी पार्टी से मैदान में उतरे, जमानत जब्त हुई तो जल्द ही पार्टी छोड़ दी और कांग्रेस में आ गए। अब कांग्रेस में ही एक भरे मंच से पार्टी नेताओं को अपशब्द कहते हुए सुने गए हैं।
हनुमना में आयोजित सामाजिक समरसता नाम के कार्यक्रम में लक्ष्मण तिवारी ने खुलकर कांग्रेस के पूर्व विधायक सुखेन्द्र सिंह बन्ना पर आरोप लगाए और कहा कि यहां संगठन नहीं बल्कि बन्ना कांग्रेस है, मैं नहीं जानता की कौन सा जीवजंतु है। उन्होंने कहा कि जो पदाधिकारी हैं वह चाहे भले नहीं आएं लेकिन मऊगंज के बाकी लोग हमें शक्ति देंगे। लक्ष्मण तिवारी का भाषण तेजी से वायरल हो रहा है। इस पर अब वह अपनी ही कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं के निशाने पर आ गए हैं। कार्यकर्ताओं ने सवाल पूछा है कि जब मऊगंज के आम लोगों को जरूरत होती है, उस समय कहां चले जाते हैं।
वहीं कुछ कार्यकर्ताओं ने कहा है कि जब पार्टी ने जिला इकाई को मजबूत करने का निर्देश दिया है तो उसकी अनुमति के बिना इस तरह के आयोजन करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होना चाहिए। इस पूरे मामले में पूर्व विधायक सुखेन्द्र सिंह बन्ना की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है लेकिन मऊगंज के जिला अध्यक्ष हरीलाल कोल ने कहा है कि यह पार्टी का कार्यक्रम नहीं था। संगठन को सूचना दिए बिना किसी निजी कार्यक्रम को पार्टी का बताना उचित नहीं है। इस पूरे मामले की सूचना संगठन के मुख्यालय को दी गई है।





