रीवा। मऊगंज जिले के जंगलों और गांवों में कई दिनों से जंगली हाथियों का जोड़ा विचरण कर रहा है। इसकी निगरानी के लिए वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी लगातार जुटे हुए हैं।  वन विभाग के लिए राहत भरा घटनाक्रम सामने आया, जिसमें हाथियों का जोड़ा उत्तर प्रदेश की ओर जाने के बजाए वापसी का मार्ग पकड़ लिया है। हनुमना के पास बढ़ैया गांव में एक दिन पहले दोनों हाथी रुके थे, वहां से रात्रि में ही निकल पड़े और कुछ स्थानों पर रुक-रुककर आगे बढ़ते गए। रात्रि का समय होने की वजह से उनके मार्ग में किसी तरह की बाधा भी सामने नहीं आई, जिसकी वजह से वह सीधे मऊगंज की ओर बढ़ते रहे।

मऊगंज नगर परिषद क्षेत्र के अटारी में पहुंच गए। सायं दोनों ने एक जगह पर कुछ समय के लिए आराम किया। वन विभाग की टीम भी इन हाथियों की ट्रैकिंग कर रही है, जिसके चलते जहां ये जाते हैं, वहां पीछे और आसपास टीम के लोग मौजूद रहते हैं। इन हाथियों की निगरानी दिन और रात हर समय की जा रही है। हाथियों का मूवमेंट जिन क्षेत्रों में हो रहा है, वहां की फसलें भी खराब होती जा रही हैं, क्योंकि कुछ जगह खेतों में भीड़ देखकर ये हाथी डिस्टर्ब भी होते हैं, जिसके चलते उसी खेत में ही चारों ओर चक्कर लगा देते हैं जिससे पूरी फसल तबाह होती जा रही है। वन विभाग के अधिकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों से बात कर फसल की नुकसानी का सर्वे करने के लिए कहा है। जिसकी वजह से किसानों को भी राहत मिलने का अनुमान है।

बहेरा डाबर के रास्ते वापस लौटने का अनुमान
वन विभाग के एसडीओ हृदयलाल सिंह ने बताया कि अब हाथियों का मूवमेंट सही दिशा में है। वह हनुमना से वापसी के मार्ग पर हैं। मऊगंज नगर परिषद क्षेत्र के अटारी गांव के पास वह रुके हैं। यहां से बहेरा डाबर मार्ग पकडऩे का अनुमान है। जहां से वह सीधी जिले की सीमा में चले जाएंगे। बांधवगढ़ से निकले इन हाथियों का मूवमेंट पहले भी मझौली, हनुमानगढ़, भितरी, चुरहट आदि क्षेत्रों में रहा है। उन्होंने बताया कि यदि किसी तरह का इनके मार्ग में व्यवधान नहीं आएगा तो वह अपने मूल क्षेत्र की ओर लौट जाएंगे।

उत्साही लोगों से बढ़ रही समस्या
गांवों में हाथी आने की खबर का लोगों में एक अलग तरह का उत्साह भी देखा जा रहा है, खासतौर पर बच्चों में। अधिकांश लोग इन हाथियों के नजदीक तक पहुंचकर फोटो और वीडियो बनाना चाह रहे हैं। लगातार ऐसे लोगों को नियंत्रित करना भी वन विभाग के लिए मुश्किल हो रहा है। शोर-शराबा सुनकर हाथियों ने गत दिवस लोगों को दौड़ा भी लिया था, हालांकि कोई दुर्घटना नहीं हुई और वह फिर से अपने मार्ग पर लौट गए।

यूपी का रुख छोडऩे से राहत
दो दिन पहले हाथियों ने उत्तर प्रदेश की ओर रुख कर लिया था। हनुमना के पास लटियार में जहां पर रुके थे, वहां कुछ ही दूरी पर उत्तर प्रदेश की सीमा प्रारंभ हो जाती है। ऐसे में वन विभाग के अधिकारी भी परेशान थे, क्योंकि यदि एक बार उत्तर प्रदेश की सीमा में हाथी चले जाते तो उनकी वापसी को लेकर अनुमति लेने को लेकर कई औपचारिकताएं भी पूरी करनी पड़ती। इस दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने बांधवगढ़ नेशनल पार्क, पन्ना नेशनल पार्क और मुकुंदपुर चिडिय़ाघर आदि स्थानों पर संपर्क भी बना लिया था। जरूरत पडऩे पर इन हाथियों को ट्रेंकुलाइज कर वापस लाने की तैयारी थी, हालांकि राहत की खबर आई कि इनके द्वारा खुद अपना रास्ता बदलकर वापसी का मार्ग पकड़ा गया है।

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