रीवा। एसआईआर की प्रक्रिया में अब उन लोगों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है, जिनका नाम वर्ष 2003 के एसआईआर में छूट गया था अब उनका सत्यापन नहीं हो रहा है। इसके लिए बीएलओ के पास लोग चक्कर लगा रहे हैं। जहां से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिल रहा है। ऐसे में बड़ी संख्या में मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट से अलग हो सकता है। शहर के वार्ड 13 स्थित नेहरू नगर में ही बड़ी संख्या में ऐसे लोग सामने आए हैं।
इसमें अधिकांश लोग ऐसे हैं जिनके नाम वार्ड के मतदाता सूची में वर्ष 1995 के वोटर आईडी में हैं लेकिन 2003 के एसआईआर में छूट गए थे। इसके बाद फिर से नाम वोटर लिस्ट में जुड़ा और अब तक लगातार मतदान भी कर रहे हैं। अब सत्यापन नहीं होने की वजह से बीएलओ ने उनका फार्म भराने से इंकार कर दिया है और कहा है कि अभी एसआईआर 2003 की सूची वालों का सत्यापन किया जा रहा है। बाद में वह अपने किसी परिजन से जुड़ी जानकारी देंगे तो उनका भी नाम शामिल किया जाएगा। नेहरू नगर के निवासी रामाधीन गुप्ता, सुरेश कनौजिया, विश्वनाथ पटेल, विनोद वर्मा, संतोष सेन, कमलेश चंद्र, आराधना तिवारी सहित कई अन्य लोग शामिल हैं। इसी तरह की समस्या अन्य कई हिस्सों से आई है, जिसके चलते लोग परेशान हैं।
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गांवों में खेती-मजदूरी के लिए जाने वाले नहीं मिल रहे
गांवों में एसआईआर की प्रक्रिया में बीएलओ के सामने लोगों से संपर्क की बड़ी समस्या आ रही है। कई गांवों से बीएलओ ने कहा है कि सुबह आठ बजे के पहले ही लोग खेती या फिर मजदूरी के लिए चले जाते हैं और शाम को लौटते हैं। ऐसे में उनके साथ संपर्क कर फार्म भरवाना मुश्किल भरा काम साबित हो रहा है।
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सर्वर की समस्या भी बन रही बाधा
मतदाताओं का वर्ष 2003 की सूची में नाम खोजना भी सबसे बड़ी मुश्किल खड़ी कर रहा है। नाम ऑनलाइन सर्च करना पड़ रहा है। नाम सर्च करने के लिए कैप्चा कोड भरना जरूरी है। कैप्चा कोड सर्च में सबसे बड़ा रोड़ा बन गया है, क्योंकि यह इनवेलिड बताने लगता है या फिर पूरा पेज ही एरर बताता है। चुनाव आयोग की साइट पर लोड अधिक है। पुनरीक्षण कार्य में जुटे अधिकारी, कर्मचारी सहित बीएलओ साइट को खोल रहे हैं। इसके अलावा मतदाता भी सूची में नाम सर्च करने के लिए साइट खोल रहे हैं। इसके चलते साइट पर लोड बढ़ गया है।
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पूरा प्रशासनिक अमला एसआईआर में लगाया
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा है कि एसआईआर निर्धारित अवधि में करना है, इसलिए मैदानी स्तर पर काम करने वाले हर प्रशासनिक अमले को इसमें लगाया जाए। जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारियों तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं। एसआईआर में ग्रामीण विकास अधिकारी, पंचायत समन्वयक, ग्राम रोजगार सहायक, पर्यवेक्षक महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका तथा नगर पंचायतों के वार्डवार कर्मचारियों को तत्काल नियुक्त करने के लिए कहा गया है।
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