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Only 25 percent work of RDSS scheme has been completed in two and a half years

रीवा। बिजली की सप्लाई को लेकर आ रही कठिनाइयों को दूर करने के लिए शुरू की गई आरडीएसएस योजना जिले में निर्धारित समय पर पूरी नहीं…

नकली पुलिस बनी युवतियों ने किया बड़ा खुलासा, अब सरगना की तलाश

रीवा. एक दिन पहले नकली पुलिस बनकर घूमते पकड़ी गई दो लड़कियों ने पूछताछ में अहम जानकारियां दी हैं। जांच में उनके एक परिचित का नाम…

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रीवा। एक शादी समारोह में उस समय हड़कंप मच गया जब दूल्हे की प्रेमिका जयमाल के दौरान शादी के मंडप में पहुंच गई। गड़रिया मोहल्ले में…

रीवा। शासकीय इंजीनियरिंग कालेज के सिविल ब्रांच के छात्रों ने पानी शोधन स्वाद मॉडल विकसित किया है। छात्रों ने कबाड़ और रिसाइकल्ड पदार्थों से आधी लागत में पानी से पेस्टीसाइड, कार्सिनोजेनिक मेटल और वीओसी हटाने वाला स्मार्ट सेंसर युक्त वाटर प्युरीफायर तैयार किया है। रीवा इंजीनियरिंग कॉलेज के सिविल विभाग में तृतीय वर्ष में अध्यनरत छात्रों के समूह द्वारा स्मार्ट वाटर एक्विटल अपैरल्स डेवलपमेंट नामक माडल विकसित किया है। इस आधुनिक वर्किंग मॉडल का सिविल इंजीनियरिंग विभाग में कालेज के प्राचार्य डॉ. बीके अग्रवाल, विभागाध्यक्ष डॉ. आरपी तिवारी, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. डीके सिंह सहित अन्य प्राध्यापकों की मौजूदगी में लोकार्पित किया गया। प्राचार्य ने कहा कि पीने के पानी की शुद्धता मनुष्य की मूलभूत आवश्यकताओं में से एक है किंतु निरंतर बढ़ते शहरी व औद्योगिक प्रदूषण एवं कृषि में ज्यादा पेस्टीसाइड के उपयोग के कारण सतही और भूगर्भ जल दिनोंदिन दूषित हो रहा है। इसमें विषाक्त तत्वों तथा कैंसरकारी धातु अधातुओं की अधिकता होने से पानी जनित बीमारियां भी बढ़ रही हैं। इसी समस्या के समाधान के लिए कालेज के सिविल विभाग के छात्रों द्वारा बनाया गया यह अनोखा मॉडल परंपरागत आरओ एवं वाटर प्यूरीफायर की तुलना में उन्नत तथा रिसाइकिल्ड पदार्थों जिसमें फाइन ग्लास फाइबर, कार्बन ग्रेन्यूल्स एवं हवा शुद्ध करने में उपयोग होने वाले आधुनिक हेपा फिल्टर के जैसे पदार्थों का उपयोग करता है। जिससे यह पानी में मौजूद विषैले पेस्टीसाइड, कैंसरकारी धातु और अधातुओं के अवशेष,वास्पशील कार्बनिक यौगिकों, अनचाहे रंग तथा ऑडर एवं फ्री क्लोरीन को उच्च दक्षता में हटाता है। इस मॉडल की खूबी यह है कि इसे परंपरागत वाटर प्यूरीफायर की लगभग आधी कीमत में विकसित किया गया है साथ ही यह शुद्ध किए गए पानी का रियल टाइम में टीडीएस व तापमान डिजिटली प्रदर्शित करता है। हाल ही में मनाए गए तीन दिवसीय हीरक जयंती उत्सव की टेकफेस्ट प्रदर्शनी में भी इसे लगाया गया था। - इन छात्रों ने किया है तैयार यह मॉडल सिविल विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ आरपी तिवारी के निर्देशन तथा प्रो रजनीश चतुर्वेदी के तकनीकी समन्वयन में सिविल ब्रांच के पांचवें सेमेस्टर के छात्रों अंश श्रीवास्तव , वेदप्रकाश विश्वकर्मा, गिरीश रजक, अभिजीत त्रिपाठी, शिवानी सेन, पूजा सिंह, स्वेता तिवारी, नित्य सोहगौरा, निखिल मिश्रा, सेजल झंझोट एवं निशांत द्विवेदी की टीम द्वारा विकसित किया गया। विभाग में इसके सुचारू इंस्टालेशन में प्राध्यापक डॉ डीके जैन, भारत पेंसनर न्यास के अध्यक्ष एसबी परिहार तथा विभाग के स्किल असिस्टेंट कुशेंद्र मिश्र ने विशेष सहायता प्रदान की है। ----------

रीवा। शासकीय इंजीनियरिंग कालेज के सिविल ब्रांच के छात्रों ने पानी शोधन स्वाद मॉडल विकसित किया है। छात्रों ने कबाड़ और रिसाइकल्ड पदार्थों से आधी लागत…

- विधायक अपनी मांगों पर अड़े, मंत्री ने कहा ऊपर चर्चा के बाद मामले का निराकरण कराएंगे

रीवा। मऊगंज के देवरा महादेवन गांव की घटना के बाद गिरफ्तार किए गए विधायक प्रदीप पटेल से मिलने मऊगंज के प्रभारी मंत्री लखन पटेल रीवा पहुंचे।…

मध्यप्रदेश के नए जिले मऊगंज में भाजपा नेता के साथ ही थाने में अभद्रता किए जाने का मामला सामने आया है। कार्यकर्ताओं ने मारपीट किए जाने का आरोप लगाया है। जिला अध्यक्ष सहित अन्य के प्रदर्शन की वजह से पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर करते हुए थाने से हटा दिया है।

मऊगंज। मध्यप्रदेश के नए जिले मऊगंज में भाजपा नेता के साथ ही थाने में अभद्रता किए जाने का मामला सामने आया है। कार्यकर्ताओं ने मारपीट किए…

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रीवा। एकतरफा मोहब्बत में आरोपी ने दोस्तों के साथ मिलकर युवती का अपहरण कर लिया। आरोपी उसको बंधक बनाकर रखे हुए था जहां से पीडि़ता किसी…