Saturday, February 7

 रीवा। एसआईआर में लगातार आ रही शिकायतों के बीच शुक्रवार को कई लोग यह शिकायत लेकर पहुंचे कि उनके नाम पर फर्जी शिकायतें कर दी गई हैं। लोगों ने कहा कि उनकी ओर से कोई शिकायत नहीं की गई लेकिन बीएलओ के पास आवेदन पहुंच गया। इसमें भी ऐसे नाम काटे जाने की शिकायतें हुई हैं जो उनके घर के ही सदस्य हैं।

रायपुर कर्चुलियान क्षेत्र के गोरगांव, बरहदी, जोगिनहाई सहित कई अन्य गांवों से पहुंचे लोगों ने कहा कि मुस्लिम समाज को टारगेट किया गया है और फर्जी शिकायतें कर दी गई हैं। अब वह दस्तावेज लेकर तहसील कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं। कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन में मांग उठाई है कि इन फर्जी शिकायतों को निरस्त करते हुए पूर्व से निवासरत लोगों के नाम मतदाता सूची में यथावत रखे जाएं। साथ ही ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए।

रायपुर कर्चुलियान से पहुंचे सलमान खान ने कहा कि उनके नाम से फार्म हस्ताक्षर कर 25 से 26 लोगों के नाम हटाने के फार्म भरे गए हैं। इनमें उनके पिता, पत्नी और मोहल्ले के अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। सलमान खान का यह भी कहना है कि उन्होंने स्वयं कभी किसी का नाम हटाने के लिए आवेदन नहीं किया। अब पिता और पत्नी का नाम मतदाता सूची में यथावत रखने के लिए दस्तावेज लेकर भटक रहे हैं। मोहम्मद वाहिद और मोहम्मद हारून के नाम से भी कई आवेदन भरे जाने की बात सामने आई है।

पीडि़तों के अनुसार 15 से 40 तक फार्म उनके नाम से भरे गए हैं। उनका कहना है कि जिन लोगों के नाम हटाने के लिए आवेदन किए गए हैं, वे सभी उसी गांव और मोहल्ले के निवासी हैं जो लगातार सवाल कर रहे हैं। मोहम्मद रफी ने कहा कि बीएलओ द्वारा यह कहकर फार्म पर हस्ताक्षर करवा लिए गए कि इससे नाम नहीं कटेगा, जबकि बाद में उसी हस्ताक्षर का उपयोग नाम हटाने के लिए किया गया। इस वजह से गांव में आपसी विवाद और तनाव की स्थिति भी बन गई।
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मृतक के नाम से भी कर दिए आवेदन
जिस सलमान खान के नाम से कई लोगों के नाम काटने के आवेदन किए गए थे, उनका खुद का नाम काटने के लिए एक अन्य व्यक्ति के नाम से कर दिया गया। सलमान का कहना है कि उन्हें आवेदक बनाकर करीब दो दर्जन नाम हटाने के लिए फार्म भरे गए। इसके बाद रामखेलावन नाम के व्यक्ति की ओर से सलमान का भी नाम काटने का आवेदन किया गया। सलमान का कहना है कि संबंधित व्यक्ति की मौत करीब दस वर्ष पहले हो चुकी है। एसआईआर में पूरी तरह से मनमानी की जा रही है।
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बीएलओ भी नहीं दे रहे सही जानकारी
शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि गांव में बीएलओ की ओर से पहले सही जानकारी नहीं दी गई। बाद में जब फार्म नंबर 7 के दुरुपयोग को लेकर चर्चा बढ़ी तो पूछताछ शुरू कर दी गई। इसके बाद भी बीएलओ यह कहकर हस्ताक्षर लेते रहे कि नाम काटने से रोकने के लिए ऐसा किया जा रहा है। मांग उठाई गई है कि बीएलओ के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाए।
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इनदिनों मतदाताओं के नाम में करेक्शन की सुनवाई चल रही है। इसमें सभी को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जा रहा है। यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है, वास्तविक मतदाताओं को यदि नोटिस जारी की गई है, वह दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे तो नाम नहीं कटेगा। जहां से शिकायतें आ रही हैं, वहां की जांच कराई जाएगी।
प्रतिभा पाल, कलेक्टर रीवा

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