रीवा। रीवा इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित टेकफेस्ट 2026 के दौरान तकनीकी नवाचार और रचनात्मकता का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। इस कार्यक्रम में विद्युत विभाग के छात्रों द्वारा तैयार किया गया, पानी से हाइड्रोजन गैस जेनरेशन प्लांट का मॉडल विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
छात्रों की टीम ने बताया कि यह तकनीक जल के अणुओं को विभाजित कर हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस गैस का उपयोग घरेलू स्तर पर, विशेषकर रसोई गैस के पर्यावरण-अनुकूल विकल्प के रूप में किया जा सकता है। प्रोजेक्ट से जुड़े छात्रों ने बताया कि भारत लंबे समय से एलपीजी, पेट्रोल और डीजल जैसे जीवाश्म ईंधनों के लिए बाहरी देशों पर निर्भर रहा है। इस निर्भरता को कम करने और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के उद्देश्य से इस मॉडल को विकसित किया गया है। फिलहाल यह मॉडल एक प्रारंभिक प्रोटोटाइप है, जिसे आगे और अनुसंधान एवं परीक्षण के बाद व्यावसायिक रूप दिया जा सकता है।
इस परियोजना में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आरपी तिवारी के मार्गदर्शन में कार्य किया गया। साथ ही अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संदीप पांडेय और विद्युत विभागाध्यक्ष प्रो. जीआर कुमरे का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। परियोजना के तकनीकी मार्गदर्शन में प्रो. अनंत श्रीवास्तव और प्रो. सीमा द्विवेदी सक्रिय रूप से जुड़े रहे। इस प्रोजेक्ट का नेतृत्व छात्र ओम गुप्ता ने किया। उनकी टीम में मोहम्मद मोहसिन, उमेश सिंह, अर्पित पटेल, मुस्कान चुगानी, सागर सिंह, शिवम सिंह, आशीष द्विवेदी, सचिन रजक, तन्वी निगम, सुष्मिता पटेल और रोहित वर्मा जैसे प्रतिभाशाली छात्र शामिल रहे।
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