मऊगंज। हनुमना के तहसील कार्यालय परिसर में मंगलवार की दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक व्यक्ति ने फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। इसकी जानकारी मिलते ही वहां पर मौजूद लोग और अधिवक्ताओं ने बचाया और पुलिस बुलाई गई। काफी देर तक इस घटना को लेकर तहसील परिसर में लोगों के बीच चर्चा बनी रही। फांसी लगाने का प्रयास करने वाले राजेश यादव ने कहा कि उसके भूमि से जुड़े मामले में तहसीलदार के पास आवेदन दिया गया था। जिसमें स्टे की मांग की गई थी लेकिन उन्होंने आवेदन को खारिज कर दिया।
इसी के कारण फांसी लगाने का प्रयास किया। इस घटना के बाद मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने उक्त व्यक्ति को थाने ले जाने का प्रयास किया लेकिन वहां पर मौजूद एक अधिवक्ता ने सुरक्षा की जवाबदेही लेने की सहमति देकर थाने ले जाने से रोक दिया। बताया गया है कि इस मामले में सिविल न्यायालय से डिक्री हुई थी। जिसमें कोर्ट के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर निर्देशों के अनुसार प्रक्रिया पूरी की। जिसमें दोनों पक्ष उस समय सहमत थे लेकिन बाद में एक पक्ष ने असहमति जताई और तहसील कार्यालय में स्थगन के लिए आवेदन लगा दिया। जहां से वरिष्ठ न्यायालय के फैसले पर किसी तरह का विचार करने से इंकार करते हुए आवेदन खारिज कर दिया गया। इसी के चलते आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास किया।
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वरिष्ठ कोर्ट के फैसले पर हम स्टे नहीं दे सकते
इस पूरे मामले में हनुमना के तहसीलदार शिवम गौतम का कहना है कि सिविल कोर्ट का निर्णय था, जिसके पालन में प्रक्रिया भी पूरी हो गई। अब संबंधित व्यक्ति द्वारा स्थगन की मांग करना नियमानुसार नहीं था। हम वरिष्ठ न्यायालय के किसी निर्णय पर स्थगन नहीं दे सकते। इसी के बाद संबंधित ने कुछ शोरशराबा किया था। पुलिस ने मामले को शांत करा दिया है।





